शुक्रवार, 31 दिसंबर 2010

नया साल जाने वाला है कुछ  ही घंटे शेष बचे है . बिलासपुर का रियल स्टेट मार्केट में 2010 में यहाँ की प्रापर्टी ने बहुत से कीर्तिमान स्थापित किये है  बिलासपुर के विकास को गति देने के लिए बनी नयी नयी टाउनशिप  बनाये उसलापुर सकरी में 450 /- प्रति  वर्गफुट का भाव हो या बोदरी में 400/- वर्गफुट की दर पर बहुत से जमीनों  की बिक्री का उचाईय  अवैध भूखंडो की खरीदी- बिक्री  इस साल सुर्खियों में रहा तो अवैध कालोनियों पर शिकंजा, बिना स्वीकृत किये हुए आवासीय भूखंडो पर प्रशासन की कार्यवाहिया . शासकीय जमीनों पर बहुत से हेर फेर के प्रकरण  और छोड़ गए बहुत सारे नये प्रोपर्टी के विवाद  
वैसे प्रापर्टी मार्केट का नया साल तो १ अप्रेल से शुरू होता है. उम्मीद करता हु की यह नया साल तो जाने वाला है पर प्रापर्टी मार्केट  के नये साल आने से पहले सब कुछ ठीक ठाक रहे क्रेता विक्रेता को किसी प्रकार की असुविधाए न हो यहाँ का व्यापर खूब फले फुले  इन शुम कामनाओ के साथ आप सभी को नव वर्ष की हार्दिक बधाईया
मनीष जयसवाल
बिलासपुर 

आज दुनियाभर की फाइनैंशल कम्यूनिटी प्रापर्टी की मार्किट प्राइज से ज्यादा प्रापर्टी की वैल्यू पर ध्यान दे रही है. फिर चाहे बात इन्वेस्टमेंट की हो, रिस्क प्रोफाइल की या फिर फाइनैंशल स्टेटमेंट्स में उल्लेख करने की, प्रॉपर्टी की वैल्यू पर ही ज्यादा ध्यान दिया जाता है. यह धारण बिलासपुर पर भी लागु होती है आज तेलीपारा, व्यापर ,विहार नये हाई -कोर्ट के आसपास सीपत रोड या सीपत के आसपास ऐसा ही कुछ है 

गुरुवार, 30 दिसंबर 2010


मैंने पड़ा था की वर्तमान में रीयल एस्टेट मार्केट में  मार्केट की  रिसर्च , सूचना और जानकारियां बहुत अहम हो गई हैं . जहां बिल्डर्स और डेवलपर्स  अपने प्रोजेक्ट्स की सफलता के लिए मार्केट रिसर्च पर जोर देने लगे हैं वहीं कस्टमर्स कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले मार्केट ट्रेंड को अच्छी तरह जान लेना चाहते हैं .कुल मिलाकर, इस सेक्टर में आज रिसर्च और डाटा कलेक्शन काफी अहम शब्द हो गए हैं.
आज रीयल एस्टेट  मार्केट में रिसर्च का बोलबाला है . इसी कारण प्रॉपर्टी वेबसाइट से लेकर कंसल्टेंट्स तक सभी की पर्याप्त मांग है, क्योंकि ये एक अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर को ऑर्गनाइज्ड बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. इस सेक्टर के जमे.जमाए लोगों ने अब आंकड़ों का प्रयोग ट्रेंड पहचानने में करना शुरू कर दिया है. ट्रेंड और कस्टमर की साइकोलॉजी जानने का लाभ डिवेलपर को सही प्रकार का प्रोजेक्ट लॉन्च करने में मिलता है .
बड़े शहरो से यह ट्रेंड बिलासपुर तक आ गया है कुल मिला कर के PROFIT  MAGIC यानि की हमारे दिन बदलने वाली है 

बिलासपुर के प्रापर्टी मार्केट के निवेश में अब महिलाओं की पहुच बढती जा रही है . विशेष कर कामकाजी महिलाएं तेजी से प्रापर्टी में निवेश कर रही हैं. कुछ साल पहले तक उनके नाम पर प्रापर्टी सिर्फ  उनके पति या पिता खरीदा करते थे. अब वे अपनी आय से खुद के नाम पर प्रापर्टी खरीद रही है. इसे वे निवेश और सुरक्षा का खास माध्यम मानने लगी हैं.
मैं तो हर कामकाजी महिला को यही राय देता  हूं कि उन्हें अपनी बचत का एक हिस्सा इसमें जरूर निवेश करना चाहिए. अगर आपके पास अपनी प्रॉपर्टी होगी तो आप आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी.

मंगलवार, 28 दिसंबर 2010

बिलासपुर में भी अब महानगरीय स्तर की आवासीय कालोनिय बनने लगी है रायपुर रोड उस्लापुर सकरी मंगला में इस की शुरुवात हुए एक साल से अधिक हो गए है  जी ५० से १५० एकर में बन रही है इस से पहले भी ऐसी कालोनियों बनी है पर महानगरीय पर स्तर अब देखने को मिला है

रविवार, 26 दिसंबर 2010

बिलासपुर में भी है दुबई जैसा प्रॉपर्टी मार्केट को पड़ने के लिए http://jaiswal4manish.blogspot.com  पर पूरी जानकारी उपलब्ध  है 

बिलासपुर जैसे जैसे बढता जा रह है शहर से दूर नई - नई कालोनिया जा रही है और वो भी महंगी एक से बढ कर एक .पर सुरक्षा की दृष्टी से यहाँ पर सविधाए कुछ खास नहीं दिखती है . कुछ एक को छोड़ कर  वर्तमान में अगर कालोनी की सुरक्षा की बात करू तो यह सब कागजो में ही ठीक लगती है . 


इन कालोनियों से पुलिस थानों की दुरी कितनी है यह कभी किसे से सोच है. पुलिस की गस्त इन कालोनियों के असा -पास  कितनी होती है. अगर रात को कभी २ बजे घर से निकलना पड़े तो क्या खुद को सेफ्टी महसूस कर सकते है 
यह एक गंभीर सोच का विषय है राजकिशोर नगर ,देवरीखुर्द इस समस्या का जीता जगता उदाहरण है 

शुक्रवार, 24 दिसंबर 2010

बिलासपुर se 45 किलोमीटर दूर जांजगीर चाम्पा भी प्रोपर्टी पर निवेश किया जा सकता है एक लम्बी अवधि के लिए तो निशचिंत ही आने वाले 5 से 6 सालो के बाद बढ़िया रिटर्न मिलेगा .  हलाकि बिलासपुर जैसी सुविधा यहाँ नहीं मिलेगी पर आने वाले कुछ समय में यह जगह रायपुर दुर्ग जैसी हो जाएगी  मतलब जांजगीर चाम्पा आज दुर्ग शहर जैसा होगा

मेरी सोच यह कहती है प्रोफेशनल्स की सलाह प्रॉपर्टी आवासीय हो या कॉमर्शियल, अगर उसे खरीदने से पहले किसी प्रोफशनल व्यक्ति या एजेंसी की सलाह ली जाए तो बेहतर होगा . जैसे की निवेश से फायदे नुकसान और आसपास के प्रोजेक्ट की जानकारिया  डिजाइन, एरिया यूटिलाइजेशन  प्रोजेक्ट का अप्रूवल और लीगल पहलुओं  पर विमर्श कर लें. लाखों के सौदे में अगर कुछ हजार रुपये में सही सलाह मिलती है तो भविष्य में होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है .मुफ्त की सलाह ले लेकिन सलाह को अमलीजामा पहनाने से पहले  प्रोपर्टी एक्सपर्ट या प्रोफेशनल्स की सलाह जरुर ले 

एक स्वस्थ रिटर्न के लिए मेरा सोच यह कहती है की  कामर्शियल की जगह आवासीय प्रोजेक्ट में  फायदे का सौदा सबित होगा निवेश 4 से 6 साल को ध्यान में रखकर करना चाहिए .नये डेवलप हो रहे प्रोजेक्ट बेहतर विकल्प हो सकते हैं. बशर्ते यह ध्यान रखा जाये की जहा आप निवेश करने जा रहे है वहा की लोकेशन्स , आसपास इकोनामिक गतिविधियां, कनेक्टिविटी ,डेवलपर के पुराने प्रोजेक्ट और,क्वालिटी  आदि .
 जनसँख्या और आय के स्रोत बड़ते जा रहे है, प्राइवेट और सरकारी दो सेक्टर में रोजगार के अवसर बड़ते जा रहे है . इसलिए रीयल एस्टेट में निवेश करना आगे चल कर निवेश बेहतर रिजल्ट दे सकता है .

 क्रेडाई (कन्फेडरेशन आफ रीयल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया) के अनुसार इंडियन रीयल एस्टेट सेक्टर में रेसिडेंशियल प्रोपर्टी की मांग लगातार बढ़ रही है, विशेषकर किफायती सेगमैट में, अब की कीमत आम आदमी की क्षमता के अनुरूप है जिससे ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है 
 अमेरिका और ब्रिटेन के मुकाबले भारत एवं चीन का रीयल एस्टेट मार्केट गैर परम्परागत है फिर भी निवेशकों की पसंदीदा लिस्ट में है. इनवेस्टर्स की नजर यहां की सामाजिक एवं आर्थिक वृध्दि के कारण बढ़ते मिडलक्लास पर है जिसके पास प्रोपर्टी खरीदने की क्षमता  है यह केवल महानगरो तक सिमित नहीं है इसका दायरा छोटे शहरो तक भी है .
बढती हुई जनसँख्या संयुकत परिवारों का विखंडन छोटे और ग्रामीण इलाको से लोगो का आजीविका के लिए छोटे और बड़े शहरो के और रुख करना और भी बहुत से कारन है जो इंडियन रीयल एस्टेट सेक्टर में रेसिडेंशियल प्रोपर्टी की मांग को बढाने के कारक है .

गुरुवार, 23 दिसंबर 2010

प्रोपर्टी में इनवेस्टमेंट को निवेश का काफी बेहतर तरीका माना जाता है, जिसमें अन्य ज्यादातर विकल्पों के 


मुकाबले ज्यादा रिटर्न की संभावनाएं हमेशा बनी होती हैं . हाल ही में आई एक रिपोर्ट भी इस ट्रेंड की पुष्टि 


की है. बार्कले वेल्थ की रिपोर्ट प्रास्पेक्टस फार प्रोपर्टी आन सालिड फाउंडेशन में रीयल एस्टेट में 


निवेश के विविध वजहों की खोज की गई है यह ट्रेंड केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में एक जैसा 


है,बेशक प्रोपर्टी मार्केट में रिटर्न के बारे में निश्चित कुछ नहीं कहा जा सकता.

सबसे आसान सबसे सरल एक ही काम प्रोपर्टी डीलिंग .पैसा कमाने का सबसे आसान तरीका प्रापर्टी डीलिंग है पर हकीकत एक पुरान प्रापर्टी ब्रोकर  ही जनता है . बरहाल हम तो आज तक पापड़ बेल रहे है ..कुछ समय पहले पड़ा था की प्रॉपर्टी मैनेजमेंट व रियल एस्टेट से संबंधित जॉब ओरिएंटेड कोर्स आजकल बहुत से सरकारी व उच्च स्तरीय निजी क्षेत्र के संस्थानों में संचालित हो रहे है .हम जैसे कम पड़े लिखे ज़मीन से जुड़े हुए समय की मार खाए हुए  ज़मीन दलालों का क्या होगा ...

मैं अभी रजिस्ट्री आफिस से आ रहा हूँ . एक दम सुनसान सा लग रहा था . देख कर ऐसा लगा बिलासपुर का प्रोपर्टी मार्केट कुछ ठंडा चल रहा है हलाकि यह सीजन ऐसा ही रहता है .दीपावली के बाद से मार्केट कुछ उठा है . ज्यादा तर बिल्डर्स के स्पेस की ही रजिस्ट्रिया  इस सीजन में होती है करीब 10 में 4 बिल्डर्स के स्पेस है  ऐसा मेरा अनुमान है
नए साल से प्रोपर्टी मार्केट में रोनक रहेगी .

बुधवार, 22 दिसंबर 2010

एक सवाल बिलासपुर में प्रापर्टी की कीमते किसने बड़ाई  है. मेरे पास तो इसके बहुत से तर्क संगत जवाब है सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की एक आम आदमी इस बारे में क्या सोचता है  

आवासीय भूखंडो की बिक्री का बिलासपुर के प्रापर्टी मार्केट में इन दिनों एक नया ट्रेंड चालू हो गया है .जिसे हम आम बोल चाल की
भाषा में नेटवर्किंग मार्किटिंग बोलते है .मैंने ऐसा नागपुर और पुणे में देखा था .बिलासपुर के प्रापर्टी मार्केट में यह फंडा कुछ नया 
नहीं है .यह फंडा आज से १० सालो पहले बिलासपुर में अशोक नगर के आस पास हुए आवासीय भूखंडो की बिक्री में देखने मिला था.  वो कम्पनी तो बंद हो गई . नागपुर में मिहान प्रोजेक्ट के आसपास ऐसे बहुत से आवासीय भूखंडो के प्रोजेक्ट देखने  को मिल जायेंगे. इस बारे में मैं जल्दी ही आपने ब्लॉग ( बिलासपुर प्रोपर्टी मार्केट में पूर्ण जानकारी लिखने का प्रयास करूँगा )


फिलहाल मुझे लगता है की यह नया ट्रेंड आने वाले समय में डिमांड में रहेगा .  

मंगलवार, 21 दिसंबर 2010

नए केलकुलेशन

मेरा मानना है की real estate मार्केट की हर जगह नयी सोच नए समीकरणों नए फंडो और नए नए केलकुलेशन  के हिसाब से चलता है .मैंने  रियल स्टेट के एक एक्सपर्ट का एक लेख  पड़ा था  की रीयल एस्टेट की इकोनॉमी ह्यूमन बिहेवियर पर आधारित होती है यह मल्टीडायमेंशनल इकोनॉमी है  जो कई बातों पर डिपेंड करतीहै मसलन  सबसे ज्यादा आबादी वहां बसने की संभावना होती है , जहांज्यादा से ज्यादा जॉब्स मिलने के आसार " लेखक ले ठीक  लिखा था एक दम सटीक आज बंगलुरु, हैदराबाद ,मुंबई ,नोएडा ईस के उदाहरण है 
                        यह  ह्यूमन बिहेवियर छोटे शरो पर भी लागु होता है छोटे और माध्यम शहर की कहानी यही है जैसे की छत्तीसगढ़ में रायपुर और कोरबा रायगड़ और बिलासपुर .    आज छत्तीसगढ़ में  कोरबा भिलाई दुर्ग यह तीन शहर  रीयल एस्टेट की इकोनॉमी ह्यूमन बिहेवियर पर आधारित है . ऐसा मेरा मानना है .

सोमवार, 20 दिसंबर 2010

पानी की चिंता

पहले अरपा विकास को लेकर लोगो में शंका थी की पानी कहा से आएगा पर अब मुझे लागत है की  पानी की चिंता  खतम हो गई कैसे ????
 भई अब भैसाझार में अरपा नदी में १२.५० मीटर का बैराज बानने वाला है पानी की समस्या दूर.. अरपा विकास का रास्ता और भी आसन हो गया है  

निवेश का फ़ंडा

अरपा विकास प्राधिकरण का गठन होने के बाद भी लोग अरपा नदी के किनारे प्रोपर्टी खरीदने में रूचि नहीं दिखा रहे है . 
मेरे ख्याल से नदी से 200 से 300 मीटर छोड़ कर अभी वहा प्रोपर्टी खरीद लेना चाहिए