शुक्रवार, 14 जनवरी 2011

जो काम बाकि सरकारे 60 सालो में नहीं कर पाई है वो मोदी जी ने कुछ ही समय में कर के दिखा दिया है गुजरात में  Rs.20.83 Lakh crore लाख करोड़ का निवेश काबिले तारीफ नरेंद्र मोदी जी की लीडरशिप को सलाम है
7936 MoUs, worth Rs.20.83 Lakh crore (450 billion US Dollars) signed at Vibrant Gujarat 2011 

गोकना नाले के किनारे क्या प्रोपर्टी का क्या भविष्य होना चाहिए फिलहाल गोकना नाले पर रिटर्निंग वाल बने वाली है ऐसा सुना है  देखो आगे क्या क्या होता है एक बात तो तय है की बिलासपुर में किसी  भी प्रोजेक्ट की प्लानिंग नाम की कोई चीज नहीं अगर प्लानिंग से कोई काम होता है तो यहाँ के बड़े बड़े अर्किटेक्ट जिनको हम सफ़ेद पोश कहते है वो योजनाओ पर  आपनी प्लानिंग लागु करवाना शुरू कर देते है
1800 के आस पास लन्दन में सीवरेज बन चूका था अभी बिलासपुर में चलू हुआ है .कितने पीछे है हम लोग बिलासपुर में लन्दन जैसी विलासिता जैसी चीजे मौजूद है पर सीवर नहीं है और बन रहा है तो  बड़े बड़े अर्किटेक्ट प्लानिंग को आपने हिसाब से आपने मागदर्शन में कार्य करवा रहे है यह मैं नहीं तकनिकी और सिविल इंजिनियरिंग से जुड़े जानकर  कहते है
अब भईया हम आम आदमी है नाम लेने से दर तो लगता ही है ना ...............
...............................................हम तो प्रापर्टी सेक्टर से जुड़े है सब जानते है पर किस काम का .

बुधवार, 12 जनवरी 2011

प्रोपर्टी सेक्टर में लोकेशन रेट का निर्धारण करती है और  यह  लोकेशन के फैक्टर्स निर्धारित करते  है 


अच्छी और बुरी लोकेशन में फर्क


शांत वातावरण, अच्छा पड़ोस, पास में दुकानें, स्कूल, पोस्ट आफिस और आसान ट्रांसपोर्ट सुविधाएं 


जैसी खूबिया किसी भी लोकेशन को अच्छा बनाती हैं। दूसरी ओर घर के पास शोर रहना, कूड़े के ढेर 


होना, क्राइम रेट ज्यादा होना और पास में स्कूल या दुकानें मौजूद न होना, जैसी बातें बुरी लोकेशन के 


फैक्टर्स में गिनी जाती हैं

 लगातार हो रहे विकास और तेजी से बढ़ती इन्फ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों से मध्यप्रदेश का क्षेत्र निवेशकों की पसंदीदा निवेश का हब बनता जा रहा है ऐसा लगता है की वह पर आने वाले ५ से १० सालो के निवेश अच्छा रिटर्न देंगे 

रविवार, 9 जनवरी 2011

bilaspur real estate

बिलासपुर में प्रोपर्टी पर निवेश करने के मामले में अब तक उसलापुर मंगला और रायपुर रोड पर निवेशक ज्यादा रूचि ले रहे है
और यह तेजी मार्च के अंत तक बने रहेगी